हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार , इस समारोह में भारत में इस्लामी गणराज्य ईरान के राजदूत, दूतावास के अधिकारी, धार्मिक एवं सामाजिक हस्तियां तथा बड़ी संख्या में मोमिनीन ने भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ ज़ियारत-ए-अमीनुल्लाह के पाठ और मनक़बत-ख़्वानी से हुआ।
जिसके बाद भारत में जामिअतुल मुस्तफ़ा के प्रतिनिधि प्रमुख हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन हुसैनी ने उपस्थित लोगों को संबोधित किया।
अपने संबोधन में हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन हुसैनी ने हज़रत इमाम ख़ुमैनी रह.की बरसी तथा 15 ख़ुरदाद के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि वाक़ेआ-ए-ग़दीर रसूल-ए-अकरम स.ल.व. के मिशन का निरंतर विस्तार और इस्लामी नेतृत्व व विलायत व्यवस्था की घोषणा है।
उन्होंने क़ुरआन की आयतों और अहलुलबैत (अ.स.) से वर्णित रिवायतों के आलोक में ईद-ए-ग़दीर के महत्व, उसके संदेशों और बरकतों पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि ग़दीर का संदेश उम्मत ए मुस्लिमा के लिए एकता, हिदायत, न्याय और ईश्वरीय नेतृत्व से जुड़े रहने का संदेश है, जो हर दौर में मुसलमानों का मार्गदर्शन करता रहेगा। उन्होंने उपस्थित लोगों से आग्रह किया कि वे ग़दीर के संदेश को अपने व्यक्तिगत और सामाजिक जीवन में व्यवहारिक रूप से लागू करें तथा अहलुलबैत (अ.) की शिक्षाओं के प्रचार-प्रसार में योगदान दें।
समारोह के समापन पर उपस्थित लोगों ने एक-दूसरे को ईद-ए-ग़दीर की मुबारकबाद पेश की और अमीरुल मोमिनीन हज़रत अली (अ.स.) की विलायत के प्रति अपने निष्ठा-संकल्प का नवीनीकरण किया।
आपकी टिप्पणी